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दाँत गिरे उर खुर घिसे, पीठ बोझ नहिं लेय। / एसे बूढ़े बैल कों, कौन बाँध भुस देय।।

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दाँत गिरे उर खुर घिसे, पीठ बोझ नहिं लेय। / एसे बूढ़े बैल कों, कौन बाँध भुस देय।।

info अर्थ:

बूढ़े बैल के सम्बन्ध में।