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दुनियां ठगिये मक्कर सें। रोटी खैये सक्कर सें।।

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दुनियां ठगिये मक्कर सें। रोटी खैये सक्कर सें।।

info अर्थ:

दुनिया में सीधे-सच्चे आदमी का गुजारा नहीं। जाल-फरेब से लोगों को ठगने वाले आदमी ही मौज से रहते हैं। उन पर व्यंग्य।