बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

नरियाँ झुरियाँ कड़ जैहें, निमान कौ पानी निमाने रैहै।

format_quote

नरियाँ झुरियाँ कड़ जैहें, निमान कौ पानी निमाने रैहै।

info अर्थ:

छोटे नदी-नाले तो वह कर निकल जायेंगे, परन्तु धरती के नीचे का पानी नीचे ही रहेगा। ओछी प्रकृति के ऐसे आदमी जो बहुत इतरा कर चलते हैं नष्ट हो जाते हैं, परन्तु गंभीर पुरुष अपनी जगह पर टिके रहते हैं।