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निन्ने पानी जे पियें, हर्र भूँज कें खायँ। दूदन ब्‍यारू जे करें, तिन घर बैद न जायँ।।

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निन्ने पानी जे पियें, हर्र भूँज कें खायँ। दूदन ब्‍यारू जे करें, तिन घर बैद न जायँ।।

info अर्थ:

जो प्रातः काल उठते ही निहार मुँह पानी पीते हैं, हर्र भूँज कर खाते हैं, और रात्रि में दूध का सेवन करते हैं वे कभी बीमार नहीं पड़ते।