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मरबो भलो बिदेस कौ जहाँ न अपनो कोय। / माटी खायँ जनावरा, महामहोच्छव होय।।

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मरबो भलो बिदेस कौ जहाँ न अपनो कोय। / माटी खायँ जनावरा, महामहोच्छव होय।।

info अर्थ:

जिस स्‍थान में अपना कोई न हो ऐसे परदेश में मरना श्रेष्‍ठ है कम से कम मृत देह के मांसाहारी पशु पक्षी खाएँगे तो उनकी दावत हो जाएगी।