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ससुर खाँ परी हार-फार की, बऊ खाँ परी खँगवार1 की।

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ससुर खाँ परी हार-फार की, बऊ खाँ परी खँगवार1 की।

info अर्थ:

(1-गले में पहिनने का चाँदी या सोने का आभूषण, खँगोरिया, हँसुली।) ससुर को तो हल-बखर की पड़ी है और बहू को इस बात की कब मेरी हँसुली बने। सबको अपनी-अपनी पड़ी रहती है।