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सावन पछवाँ सींक डुलावे। बरसत मेघ कौन बिलगावे।।

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सावन पछवाँ सींक डुलावे। बरसत मेघ कौन बिलगावे।।

info अर्थ:

सावन में थोड़ी भी पछवाँ चले तो पानी फिर कौन रोक सकता है ? अर्थात खूब बरसता है।