सावन सुक्ला सप्तमी जो गरजे अघरात। / (तौ) तुम जैयो पिय मालवा, हम जैहें गुजरात।।
info अर्थ:
सावन में शुक्ल पक्ष की सप्तमी को यदि आधी रात के समय बादल गरजें तो समझना चाहिए कि सूखा पड़ेगा। इसलिए किसी किसान की स्त्री अपने पति से कह रही है कि हे प्रियतम ! उस दशा में अच्छा यह है कि तुम तो मालवा जाना और मैं गुजरात चली जाऊँगी।