बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
event
कार्यक्रम
contact_mail
संपर्क
handshake
योगदान
search
search
खोजें
search
menu
search
home
होम
info
परिचय
menu_book
विश्वकोश
photo_library
गैलरी
newspaper
प्रेस मीडिया
volunteer_activism
दान
handshake
योगदान
groups_2
कार्यसमिति
contact_mail
संपर्क
home
होम
info
परिचय
menu_book
विश्वकोश
photo_library
गैलरी
newspaper
प्रेस मीडिया
volunteer_activism
दान
handshake
योगदान
groups_2
कार्यसमिति
contact_mail
संपर्क
home
होम
chevron_right
बुन्देलखंडी कहावतें
chevron_right
अक्षर: ह
chevron_right
हाकिमी गरम की, दूकानदारी1 नरम की, दलाली बेसरम की, सराफी भरम1 की। / दौलत करम की, बात मरम2 की, और आढ़त धरम की।
हाकिमी गरम की, दूकानदारी1 नरम की, दलाली बेसरम की, सराफी भरम1 की। / दौलत करम की, बात मरम2 की, और आढ़त धरम की।
arrow_back
वापस जाएं
format_quote
हाकिमी गरम की, दूकानदारी1 नरम की, दलाली बेसरम की, सराफी भरम1 की। / दौलत करम की, बात मरम2 की, और आढ़त धरम की।
info
अर्थ:
(1-दूकान में कितनी पूँजी लगी है, अथवा कितना पैसा पास में है इस बात का खुल न पाना। 2-मर्म, सार।)
close
Welcome to Bundelkhand Vishwakosh New Website...
Let us know if you have any suggestions.
arrow_upward