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कभऊँ सक्कर घना, कभऊँ मुट्ठक चना।

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कभऊँ सक्कर घना, कभऊँ मुट्ठक चना।

info अर्थ:

कभी खूब शक्कर और कभी केवल मु‌ट्ठी भर चने। संसार में सब दिन एक से नहीं जाते, ईश्वर जो कुछ दे उसी में संतोष करना चाहिए।