बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

कातिक भोर दिवारी, ठेलमठेल करै ब्‍यारी।

format_quote

कातिक भोर दिवारी, ठेलमठेल करै ब्‍यारी।

info अर्थ:

कातिक बीतने के बाद खूब भर पेट ब्यालू करै तौ भी उससे कोई हानि नहीं होती, क्योंकि रातें बड़ी होने से भोजन पच जाता है।