बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
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कुत्ता की पूँछ बारा बरसें पुँगरिया में राखी, जब निकरी तब टेड़ी की टेड़ी !
कुत्ता की पूँछ बारा बरसें पुँगरिया में राखी, जब निकरी तब टेड़ी की टेड़ी !
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कुत्ता की पूँछ बारा बरसें पुँगरिया में राखी, जब निकरी तब टेड़ी की टेड़ी !
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अर्थ:
कुत्ते की पूँछ बारह वर्ष तक नली में रखी गयी, परन्तु जब निकली तब टेड़ी की टेढ़ी। किसी मनुष्य की बुरी आदत कठिनाई से छूटती है।
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उदाहरण:
कूकुर के पोंछ बारह बरस गाड़ी तबहू टेड़ के टेढ़ - भोजपुरी
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