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अक्षर: फ

अक्षर 'फ' से शुरू होने वाली कहावतें

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फूहर कौ मैल फागुन में उतरत।

फूहड़ का मैल फागुन में उतरता है। रंग पड़ने पर उसे विवश होकर नहाना पड़ता है।

फूहर चालै सब घर हालै।

फूहड़ के चलने से सब घर हिलता है। बेशऊर औरत ठीक ढंग से चलना भी नहीं जानती।