बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: थ

अक्षर 'थ' से शुरू होने वाले शब्द

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थराई [tharAI]

सं.स्त्री.
कृपा, कृपा के लिए किया गया अनुरोध, अहसान.

थरो लगाबौ [tharo lagAbau]

क्रि.स.
बीज को इकट्ठा करना.

थरौली [tharaulI]

सं.स्त्री.
विवाह की एक रस्म, शादी में दूल्हा भाँवर पड़ने तक लड़की के घर नहीं जाता है, बारात आने पर स्त्रियाँ गीत गाती हुई थाली में भोजन रखकर भोजन कराती हैं.

थलार [thalAr]

सं.स्त्री.
एक बार में किये गये पतले गोबर की राशि.

थाती [thAtI]

सं.स्त्री.
धरोहर, संचित धनराशि, जमा पूँजी.

थाप [thAp]

सं.स्त्री.
ढोलक आदि ताल वाद्य पर हथेली का आघात, दस्तक.

थापना [thApanA]

सं.स्त्री.
स्थापना, देवमूर्ति की स्थापना.

थापर [thApar]

सं.स्त्री.
चाँटा, थप्पड़.

थामबौ [thAmabau]

क्रि.स.
किसी वस्तु को गिरने से बचाने के लिए पकड़ना.

थामों [thAmon]

सं.पु.
स्तम्भ, खम्भा.

थायँ [thAyM]

सं.स्त्री.
थाह, जल की गहराई की अंतिम सीमा.

थारी [thArI]

सं.स्त्री.
थाली, पूजा या भोजन के लिए थाली.

थाली बजाना [thAlI bajAnA]

सं.स्त्री.
पुत्र जन्म की सूचना थाली बजाकर दी जाती है.

थिगरिया [thigariyA]

सं.पु.
पैबन्द.

थिरकबौ [thirakabau]

क्रि.अ.
चंचलता के कारण हिलना, डुलना, मटकना.

थिरदाबौ [thiradAbau]

क्रि.अ.
धैर्य धारण करना, स्थिर होना.

थिरहा [thirahA]

सं.स्त्री.
धैर्य.