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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: प

अक्षर 'प' से शुरू होने वाले शब्द

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पालौर [pAlaur]

सं.पु.
झरबेरी की कोमल डालों और पत्तियों का कटिया कर बनाया गया भैसों का चारा, पेड़ की पत्तियों वाला भाग.

पाँव पखराई [pAMv pakharAI]

सं.स्त्री.
मंडप में भाँवरों (सात फेरों) के दौरान दूल्हा व दुल्हन के माँ-बाप, भाई-भाभी व अन्य रिश्तेदार वर-कन्या के पाँव पखराते हैं.

पाँव पोस [pAMv pos]

सं.पु.
पैरों का आभूषण.

पावकी [pAvakI]

सं.स्त्री.
बुंदेली की उपबोली.

पांवड़ा [pAnvaRA]

सं.पु.
पांवड़ा किसी रंगीन कपड़े या छींट का एक मीटर का टुकड़ा होता है। वह लगुन में चढ़ाव के समय भांवर में समय विशेष रूप से बिछाया जाता है.

पाँवड़ी [pAMvaRI]

सं.स्त्री.
लकड़ी की चप्पल, खड़ाऊ.

पाँवड़ौ [pAMvaRau]

सं.पु.
किसी के सम्मान में आगमन के समय फूल आदि बिछाये जाने का कार्य.

पावती [pAvatI]

सं.स्त्री.
प्राप्ति का प्रमाण, रसीद.

पावन [pAvan]

सं.पु.
नौकरों को दिया जाने वाला भोजन.

पाँवनी [pAMvanI]

सं.स्त्री.
महिला मेहमान.

पावनें [pAvanen]

सं.पु.
दीपावली पर दूसरे के घर जलाकर भेजा जाने वाला दीपक.

पावपोस [pAvapos]

सं.पु.
पैर के पंजों के ऊपरी भाग पर पहना जाने वाला आभूषण.

पावी [pAvI]

वि.
पाऊँ (पाना).

पाँस [pAMs]

सं.स्त्री.
रस्सी आदि का ऐसा फंदा जिसको खिसकार छोटा-बड़ा किया जा सके.

पासंग [pAsang]

सं.पु.
तराजू के पलड़ों का असंतुलन, असंतुलन को ठीक करने के लिए बाँधा जाने वाला वजन.

पासनी [pAsanI]

सं.स्त्री.
अन्नप्राशन, बच्चों को सर्वप्रथम अन्न खिलाने का संस्कार.

पाँसे [pAMse]

सं.पु.
चौपड़-पासे के खेल में प्रयुक्त चिह्न.

पाँसौ [pAMsau]

सं.पु.
सफेद मिट्टी का बना लम्बा चौकोर टुकड़े जिसे घिसकर तिलक लगाने के काम लेते हैं.