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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: भ

अक्षर 'भ' से शुरू होने वाले शब्द

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भगाभग-भगाभग [bhagAbhag-bhagAbhag]

सं.स्त्री.
भागदौड़, अतिशीघ्र स्थान छोड़कर.

भँगिया [bhaMgiyA]

सं.स्त्री.
भंग.

भंगी [bhangI]

वि.
मेहतर, एक जाति जो झाड़ू बुहारा करने का कार्य करती है.

भँगेड़ी [bhaMgeRI]

वि.
भंग के नशे का आदी.

भगोंना [bhagonnA]

सं.पु.
बड़ा तबेला, चौड़े मुँह का नीचे से ऊपर तक लगभग एक-सी चौड़ाई का बर्तन.

भगोंनिया [bhagonniyA]

सं.स्त्री.
छोटी तबेली.

भच्छ [bhacch]

सं.पु.
भक्षण, पशु के समान खाने का तरीका.

भजन [bhajan]

सं.पु.
देवताओं की स्तुति के गीत, देवस्मरण, जप.

भजनयाँ [bhajanayAM]

सं.पु.
टोलीबद्ध होकर भजन गाने वाले.

भजनानन्दी [bhajanAnandI]

वि.
भक्त, ईश्वर अराधना में लीन रहने वाला.

भजबौ [bhajabau]

क्रि.अ.
ईश्वर का स्मरण करना, जप करना, पूजा-पाठ से ईश्वर अराधना करना, प्रहार करना.

भँजाबौ [bhaMjAbau]

क्रि.अ.
बदला लेना.

भँजाव [bhaMjAv]

सं.पु.
बड़े सिक्के के बदले प्राप्त समतमूल्य के छोटे सिक्के.

भजिया [bhajiyA]

सं.पु.
भाजी और बेसन के पकौड़े.

भजेड़बौ [bhajeRabau]

क्रि.स.
पूरे बल के साथ तरह दिखता न हो.

भटकटैया [bhaTakaTaiyA]

सं.स्त्री.
एक कँटीली वनस्पति विशेष.

भटकबा [bhaTakabA]

सं.स्त्री.
भटकना.

भटयारखानों [bhaTayArakhAnon]

सं.पु.
ऐसी स्थिति जहाँ खान-पान में पवित्र, अपवित्र, जात-पाँत दिखावटी मर्यादा.

भटयारौ [bhaTayArau]

सं.पु.
पुराने जमाने में साधारण लोगों के ठहरने की सराँय की देखभाल करने वाला.