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जाँ न पोंचे रवि ताँ पोंचे कवि।

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जाँ न पोंचे रवि ताँ पोंचे कवि।

info अर्थ:

जहाँ सूर्य की पहुँच नहीं वहाँ कवि की कल्पना पहुँच जाती है।