बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

जागै जो कोऊ धन कौ धनी। जागै जी कों चिन्ता घनी।। / जागे रात अँधेरी चोर। जागै भर बरसाते मोर।। / जागै जीके घर में साँप। जागे जो बि

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जागै जो कोऊ धन कौ धनी। जागै जी कों चिन्ता घनी।। / जागे रात अँधेरी चोर। जागै भर बरसाते मोर।। / जागै जीके घर में साँप। जागे जो बि

info अर्थ:

सावधान रहने से ही लाभ होता है।