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बुंदेलखंड विश्वकोश

जीकौ जौन सुभाव जाय नईं जी सें। / नीम न मीठी होयँ खाओ गुर घी से।। / जीकौ पेट पिरात सो अजवान ढूँढ़त।

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जीकौ जौन सुभाव जाय नईं जी सें। / नीम न मीठी होयँ खाओ गुर घी से।। / जीकौ पेट पिरात सो अजवान ढूँढ़त।

info अर्थ:

जिसे जिस वस्तु की आवश्यकता होती है वह उसे स्वयं खोजता फिरता है। (बच्चा पैदा होने पर स्त्रियाँ अजवायन खाती हैं। उदर-विकारों की तो वह एक बढ़िया औषध है ही।)

menu_book उदाहरण:

जार मावा भांगे सेई चून खोंजे- बंगला (जिसका सिर फूटता है वही चूना खोजता फिरता है।)