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ज्यों ज्यों भींजै कामरी, त्यों त्यों भारी होय।

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ज्यों ज्यों भींजै कामरी, त्यों त्यों भारी होय।

info अर्थ:

मनुष्य संसार में जितना ही लिप्त होकर रहता है उतना ही पाप का बोझ बढ़ता जाता है।