बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

तनक तमाखू गजब करावे, जगन्नाथ कौ भात। / जिनके पुरखन भीख न माँगी, सोई बढ़ावें हात।।

format_quote

तनक तमाखू गजब करावे, जगन्नाथ कौ भात। / जिनके पुरखन भीख न माँगी, सोई बढ़ावें हात।।

info अर्थ:

तमाखू पीने वालों पर व्‍यंग्‍य।