किसी किसान का लड़का अपने जूतों का नाप देने के लिए गया। अपनी समझ में वह बड़ा होशियार था। यह सोच कर कि जूता छोटा बनने से दाम भी कम देने पड़ेंगे, नाप देते समय पैर सिकोड़ लिया। घर आकर बाप से कहा कि, दद्दा हम पैर सिकोड़ कर नाप दे आये हैं। उत्तर में बाप ने कहा तो बेटा, जूते पहिन कर कौन सा सुख उठा सकोगे ?