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दान दीन कों दीजिये मिटै दरद को पीर। / ओखद ताकों दीजिये जाके रोग शरीर।। / दान, भारो, वच्छना; इनमें उधार कौ काम ना।

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दान दीन कों दीजिये मिटै दरद को पीर। / ओखद ताकों दीजिये जाके रोग शरीर।। / दान, भारो, वच्छना; इनमें उधार कौ काम ना।

info अर्थ:

दान, भाड़ा, और दक्षिणा, इनका उधार ठीक नहीं।