(1-गले में पहिनने की सिक्कों की माला।) जब किसी स्त्री के पास नित्य- प्रति के पहिनने के साधारण वस्त्राभूषणों की तो कमी हो, परन्तु जो दो एक कीमती गहने या कपड़े उसके पास हों उनको पहिन कर ही लोगों को दिखाती फिरे तब व्यंग्य और ताच्छत्य में उसके लिए प्रयोग करते हैं।