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नीम न मीठे होयँ, खाओ गुर घी सें।

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नीम न मीठे होयँ, खाओ गुर घी सें।

info अर्थ:

यह कहावत इसी रूप में प्रचलित है। परन्तु उसका शुद्ध रूप है- नीम न मीठे होय, सींचो गुर घी सें।

menu_book उदाहरण:

पयसा सिंचते नित्यम् न निम्बम् मधुरायते - संस्कृत (नित्य दूध से भी सींचने पर नीम कभी मीठा नहीं होता)