अर्थात स्त्री सच्चरित्र रह सकती है तो अपने आप ही, अन्यथा अपने बाप के साथ भी बिगड़ जाती है।
menu_book उदाहरण:
(बुन्देलखंड में यह कहावत इसी रूप में प्रचलित है। परन्तु इसका गढ़वाली रूप है-रौ तौ अपणा आप नि रौती अपणा वाप। अर्थात स्त्री सच्चरित्र रह सकती है तो अपने आप ही अपने बाप के कहने से नहीं।)