बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

राँड़, साँड़ उर अरना भैंसा। जे बिचलें तौ होवे कैसा ?

format_quote

राँड़, साँड़ उर अरना भैंसा। जे बिचलें तौ होवे कैसा ?

info अर्थ:

राँड़, साँड़ और जंगली भैंसा, इन तीनों को नहीं छेड़ना चाहिए। बिगड़ने पर ये भयंकर रूप धारण कर लेते हैं।