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बुंदेलखंड विश्वकोश

सदा के दुखी, नाव बखतावर। / सदा न फूलै तोरई, सदा न सावन होय। / सदा न राजा रन चड़े, सदा न जोबन होय।।

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सदा के दुखी, नाव बखतावर। / सदा न फूलै तोरई, सदा न सावन होय। / सदा न राजा रन चड़े, सदा न जोबन होय।।

info अर्थ:

सदा दिन एक से नहीं रहते। ये बुन्देलखंड के प्रसिद्ध लोकगीत 'अमानसिंह कौ राछरौ' की प्रारंभिक पंक्तियाँ हैं जो कहावत बन गयी हैं।

menu_book उदाहरण:

सदा न फूले केतकी, सदा न सावन होय।/ सदा न जोबन थिर रहे, सदा न जीबे कोय।