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सभा सुहाते बोलिये जासों रीझै राय।/ समासे के मरे कों कानों रोईअत ?

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सभा सुहाते बोलिये जासों रीझै राय।/ समासे के मरे कों कानों रोईअत ?

info अर्थ:

संध्या के मरे को कहाँ तक रोया जाय? अभी से यह हाल तो कैसे पूरा पड़ेगा ?