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ऊँग न देखे टूटी खाट। प्यास न देखे धोबी घाट।। प्रेम न देखे जात कुजात। भूक न देखे जूठो भात।।

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ऊँग न देखे टूटी खाट। प्यास न देखे धोबी घाट।। प्रेम न देखे जात कुजात। भूक न देखे जूठो भात।।

info अर्थ:

क्षुधाय चाय ना सुधा, पिरीते चाय ना जाती। घूमे चाय ना खाट-पालंग, वाह्य चाय ना बाती। -बंगला

menu_book उदाहरण:

भूख को अमृत नहीं चाहिए, प्रेम को जाति नहीं चाहिए, नींद को खाट पलंग नहीं चाहिए, शौच को दीपक नहीं चाहिए।