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कहै दुरकन1 सुन पिय काँस2। तुम लागौ दतुआ3, हम लागे पाँस4। बड़े बड़े बैल खुटारी5 पांस। का करै दुरकन का करै काँस।

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कहै दुरकन1 सुन पिय काँस2। तुम लागौ दतुआ3, हम लागे पाँस4। बड़े बड़े बैल खुटारी5 पांस। का करै दुरकन का करै काँस।

info अर्थ:

(1.एक प्रकार की मजबूत बेल जिसकी जड़ें बड़ी गहरी जाती है, और जो खेत में फैलकर फसल को हानि पहुँचाती है। 2.एक प्रकार की घास। 3. बखर में लगे हुए लकड़ी के खूंटे, जिनमें पौस फंसी रहती है। 4. बखर में लगी हुई लोहे की चौड़ी धार दार पत्ती जो लगभग 30 अंगुल लंबी और 5. अंगुल चौड़ी होती है। 6. ऊँची धार वाली।) दुरकन् कहती है कि हे प्रियतम काँस सुनो, तुम तो बखर के दंतुआ से चिपटो और मैं पाँस में फैलूंगी, जिससे खेत में जोताई बखराई न हो पाये। इस पर किसान कहता है- मेरे बड़े-बड़े बलवान बैल हैं और पाँस भी मजबूत धार वाली है, मेरा क्या तो दुरकनू बिगाड़ सकती है, और क्या कौस ?