किसी विषय पर अप्रसन्न होकर अथवा किसी से रूठ कर घर के किसी एकान्त-स्थान में चारपाई पर चुपचाप करवट लेकर लेट जाने और बात न करने को खटपाटी लेकर पड़ना कहते हैं। भारतीय लोक-कथाओं में जगह-जगह इसका उल्लेख मिलता है। इसे कोप-भवन में जाकर बैठने का ही एक लोक-प्रचलित रूप समझना चाहिए।