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खेती करै न बंजै जाय। विद्या के बल बैठो खाय।। खेती करै बनज खौ धावै। ऐसा डूवा थाह न पावै।। खेती करै साँझ घर सोवे। काटे चोर मूंड़

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खेती करै न बंजै जाय। विद्या के बल बैठो खाय।। खेती करै बनज खौ धावै। ऐसा डूवा थाह न पावै।। खेती करै साँझ घर सोवे। काटे चोर मूंड़

info अर्थ:

स्पष्ट।