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चलिए फिरिए बैठ न रइये, करिये गोड़ापाई। / दूद-दही नित खाये बिलइया, कब कब भैंस बिसाई।।

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चलिए फिरिए बैठ न रइये, करिये गोड़ापाई। / दूद-दही नित खाये बिलइया, कब कब भैंस बिसाई।।

info अर्थ:

मनुष्य को सदैव कुछ न कुछ करते रहना चाहिए।