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अक्षर: फ

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फककबौ [phakakabau]

क्रि.अ.
छोटी-छोटी घनी फुंसियाँ होना, सिसकना.

फकबौ [phakabau]

क्रि.अ.
तेज धार से बिना पीड़ा के कट जाना.

फका [phakA]

सं.पु.
किसी वस्तु को फाड़ने से पृथक हुआ भाग.

फंकी [phankI]

सं.स्त्री.
चूर्ण खाने की क्रिया.

फकीर [phakIr]

सं.पु.
मुस्लिम साधु, धनहीन किंतु उदात्त भावना वाला.

फकीरन [phakIran]

सं.स्त्री.
फकीर की स्त्री, फकीर का बहुवचन.

फकीरी [phakIrI]

सं.स्त्री.
गरीबी.

फक्कड़ [phakkaR]

वि.
धनहीन किंतु धन-धन के लिए चिंतित न रहकर मस्ती का जीवन जीने वाला.

फक्की Variant: वै.रू. फक्कौ. [phakkI]

सं.स्त्री.
सूखे चूर्णित पदार्थ की वह मात्रा जो हथेली पर रखकर खाई जा सके.

फगबाबौ [phauabAbau]

क्रि.अ.
होली के दिनों जैसा उच्छृंखल मन होना, फाल्गुन जैसी हवा चलना.

फगवारौ [phagavArau]

सं.पु.
होली खेलने वाला.

फट [phaT]

वि.
क्रि. शीघ्रता से.

फटकन [phaTakan]

सं.पु.
सूपा की सहायता से पृथक किया गया हल्का अनाज तथा हल्का कूड़ा करकट.

फटकरी [phaTakarI]

सं.स्त्री.
फिटकरी, एक रसायन.

फटकारबौ [phaTakArabau]

क्रि.स.
कपड़े आदि को हाथ से पकड़कर झरकारना.

फटकिया [phaTakiyA]

सं.स्त्री.
किसी छोटे दरवाजे के लिए एक किवाड़.

फटकी [phaTakI]

सं.स्त्री.
पक्षियों को पकड़ने का पिंजरा.

फटफट Variant: वै.रू. फटफटिया. [phaTaphaT]

सं.स्त्री.
मोटरसाइकिल.

फटफटाबौ [phaTaphaTAbau]

क्रि.अ.
व्याकुल होना.