बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: इ

अक्षर 'इ' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

इजरा [ijarA]

वि.
वसूली के लिए कानूनी ढंग से क्रियान्वित.

इटर [iTar]

वि.
ईंटों से बना हुआ.

इटौरा [iTaurA]

सं.पु.
ईंट का टुकड़ा.

इठबौ [iThabau]

क्रि.अ.
अकड़ जाना.

इठलाबौ Variant: वै.रू. इठलायबौ. [iThalAbau]

क्रि.अ.
गर्वसूचक हाव-भाव दिखाना, इतराना, किसी की हँसी उड़ाते हुए अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करना.

इतरदान [ikaradAn]

सं.पु.
इत्र रखने का पात्र, इत्रदान.

इतराज [itarAj]

सं.पु.
एतराज, विरोध, शिकायत.

इतराजी [itarAjI]

सं.स्त्री.
रोष.

इतराबौ [itarAbau]

क्रि.अ.
मन की प्रसन्नता या बड़प्पन प्रकट करने की असामान्य चेष्टाएँ, अवांछित एवं असंतुलित व्यवहार.

इतै लौ [itai lau]

वि.
क्रि. यहाँ तक.

इँदयाँई Variant: वै.रू. अँदयाँई. [iMdayAMI]

सं.पु.
सवेरा, मुँह अँधेरे, उषा पूर्व का प्रातःकाल.

इँदयारी [iMdayArI]

वि.
अँधेरी रात.

इँदरसे [iMdarase]

सं.पु.
चावल के आटे में गुड़ मिलाकर व घी में तलकर बनाया जाने वाला एक पकवान, एक मीठी मठरी.

इँदवाँन Variant: वै.रू. इंदोरन. [iMdavAMn]

सं.पु.
एक जंगली पेड़ व फल, इसका फल पशुओं की दवा के काम आता है.

इन्तखाप [intakhAp]

सं.पु.
खेत का नम्बर, रकबा, लगान आदि का आधिकृत विवरण.

इन्तजाम [intajAm]

सं.पु.
प्रबंध, व्यवस्था.

इन्द्री [indrI]

सं.स्त्री.
इंद्रिय, आत्मा.

इबारत [ibArat]

सं.स्त्री.
किसी लेख का यथावत पाठ का लेखन, श्रुत लेख की लिखावट.