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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: त

अक्षर 'त' से शुरू होने वाले शब्द

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तीजा गनेस चौथ [tIjA ganes cauth]

सं.स्त्री.
त्यौहार.

तींतर [tIntar]

सं.स्त्री.
ऐसी भूमि जो गीली रहने के कारण कृषि योग्य नहीं रहती.

तीतरा [tItarA]

सं.पु.
कचरे वाला गीला खेत, जहाँ किसान द्वारा बैल ठीक से न चला पाता है.

तीतरी [tItarI]

सं.स्त्री.
कान का आभूषण.

तीतुर [tItur]

सं.पु.
तीतर नामक पक्षी.

तीन खाप [tIn khAp]

सं.पु.
चढ़ावे में प्रयुक्त जरी का कपड़ा.

तीन तार के चूरा [tIn tAr ke cUrA]

सं.पु.
कलाई का आभूषण.

तीरकस [tIrakas]

सं.पु.
पुराने भवनों में दीवारों में बने लम्बे छेद जिनसे बाहर तीर चलाए जाते हैं.

तीरथ [tIrath]

सं.पु.
तीर्थ, पवित्र स्थान.

तीरा [tIrA]

सं.पु.
कमीज के पिछले हिस्से में कंधों के बीचोंबीच लगने वाली पट्टी.

तीसरौ [tIsarau]

वि.
तीसरा, क्रम में आने वाले दो के बाद.

तुअर [tuar]

सं.स्त्री.
अरहर दाल.

तुआ [tuA]

सं.पु.
तालाब की पाड़ से झरना.

तुक [tuk]

सं.स्त्री.
गीत या कविता की पंक्ति समध्वनि और सामाजिक अंत.

तुकमा [tukamA]

सं.पु.
तमगा, मैडल, प्रशंसा के प्रतीक स्वरूप दिया जाने वाला पदक.

तुक्क [tukk]

सं.स्त्री.
पतंग की आकाश में स्थिर होने की स्थिति.

तुक्कड़ [tukkaR]

वि.
तुक्के मिलाने वाला, हाँ-में-हाँ मिलाने वाला.

तुखरी [tukharI]

सं.स्त्री.
जाल बुनने में सहायक उपकरण.

तुचकबौ [tucakabau]

क्रि.अ.
पिचकना, रसहीन होने के कारण सिकुड़ना, झुर्रियाँ पड़ना.