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अक्षर: द

अक्षर 'द' से शुरू होने वाले शब्द

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दुपुर लौ [dupur lau]

वि.
मध्याह्न तक.

दुफार [duphAr]

वि.
गेहूँ, जौ आदि के अंकुरों की वह स्थिति जब पौधे के प्रारंभ विकास के दो पत्ते.

दुबच [dubac]

सं.स्त्री.
दो वस्तुओं के बीच की सँकरी जगह.

दुबधा [dubadhA]

सं.स्त्री.
दुविधा.

दुबन [duban]

सं.स्त्री.
दुबे की स्त्री.

दुबयानों [dubayAnon]

सं.पु.
दुबे लोगों का मुहल्ला.

दुबरउअल [dubaraual]

वि.
दुहरा, किसी वस्त्र या रस्सी आदि की दो पर्त जो एक साथ हों.

दुबरयाबौ [dubarayAbau]

क्रि.अ.
दुबला या दुर्बल होना.

दुबीचाँ [dubIcAM]

वि.
क्रि. दो के बीच में.

दुबीचै [dubIcai]

वि.
क्रि. दोनों के मध्य.

दुमड़बौ [dumaRabau]

क्रि.स.
गुँदे हुए आटे को बंद मुट्ठी से गोलाकार बनाकर बेलन द्वारा रोटी बेलना.

दुम्म [dumm]

सं.पु.
खूब फूला हुआ.

दुर [dur]

सं.स्त्री.
नाक में पहनने की बड़ी वाली नथ.

दुरदसा [duradasA]

सं.स्त्री.
दुर्दशा, बुरे दिन.

दुररई सोनार पतने [duranaI sonAr patane]

सं.स्त्री.
नदी.

दुराचारी [durAcArI]

सं.पु.
बुरे आचरण वाला, दुश्चरित्र.

दुराँयचौ [duRAMyacau]

सं.पु.
तेंदुए की मादा और शेर के संभोग से उत्पन्न तेंदुआ जो अधिक शक्तिशाली और खूँखार होता है.

दुरेठी [dureThI]

सं.स्त्री.
लड़की की शादी में बनाया जाने वाला मिट्टी का पात्र जिसमें दो भाग होते हैं। इसमें वधु द्वारा एक भाग में आटा तो दूसरे भाग में सात बार खिचड़ी डालकर भरा जाता है.

दुर्गा जनेऊ [durgA janeU]

सं.स्त्री.
कन्या पक्ष द्वारा वर को जनेऊ की भेंट.