बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: द

अक्षर 'द' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

दसरयाँ [dasarayAM]

सं.स्त्री.
दशहरे के दिन गोबर की थपियाँ, देवोत्थानी, एकादशी को इन्हें जलाकर घर की देवमूर्तियों को तपाया जाता है.

दसवान्नी [dasavAnnI]

सं.स्त्री.
विवाह के बाद दसवें दिन कुलदेवी की पूजा.

दसाम [dasAm]

वि.
क्रि. एक से दस तक गिनती.

दसारानी [dasArAnI]

सं.स्त्री.
परिवार की सुख समृद्धि के लिए किया जाने वाला देवी, दुर्गा का एक व्रत। जो तुलसी के अपने आप उगे पौधे में पहली मंजरी आने, किसी महिला के प्रथम प्रसव में पुत्र को जन्म देने, गाय के पहले ब्याने में बछड़ा होने पर गण्डा लेकर किया जाता है। प्रतिदिन दसरानी के द्वारा

दसें [dasen]

सं.स्त्री.
दशमी, पखवाड़े का दसवाँ दिन.

दसैरी [dasairI]

सं.स्त्री.
आम की किस्म.

दसैरौ [dasairau]

सं.पु.
दशहरा, विजयदशमी.

दस्टौन [dasTaun]

सं.पु.
जन्म के बाद दसवें दिन का संस्कार.

दस्ता [dastA]

सं.पु.
चौबीस या पच्चीस कागज की शीट की इकाई.

दस्ताबर [dastAbar]

वि.
ऐसी वस्तु जिसके खाने से पेट या मल त्याग अच्छे से हो.

दस्ती [dastI]

वि.
हाथों-हाथ जाने वाला पत्र.

दहलबौ [dahalabau]

क्रि.अ.
ऐसा भयभीत होना जिससे दिल की धड़कन बढ़ जाए.

दहा [dahA]

सं.पु.
ताश के दस अंकों वाला पत्ता.

दहाबौ [dahAbau]

क्रि.अ.
स्थानीय मान के अनुसार अंकों का पढ़ना.

दहार [dahAr]

सं.स्त्री.
नदी की धारा, नदी का बहाव.

दहोकर [dahokar]

वि.
क्रि. सौ के ऊपर दस.

दाई [dAI]

सं.स्त्री.
प्रसव कराने वाली स्त्री.

दाख [dAkh]

सं.स्त्री.
किशमिश, द्राक्षा, मुनक्का.

दाग [dAg]

सं.पु.
धब्बा, कलंक.