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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: द

अक्षर 'द' से शुरू होने वाले शब्द

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दालान [dAlAn]

सं.स्त्री.
दहलन, बरामदा.

दाव [dAv]

सं.पु.
खेल में बाजी, बारी, जुए के खेल में लगाया जाने वाला धन, कुश्ती के खेल की युक्ति, दाँव-पेच.

दास [dAs]

सं.पु.
सेवक, गुलाम, राजाओं के यहाँ शादी-विवाह में मिलने वाले नौकर.

दासी [dAsI]

सं.स्त्री.
राजा-महाराजाओं की रानीयों की सेविका.

दासों [dAsaun]

सं.पु.
दरवाजे के नीचे लगाया जाने वाला पत्थर, मकान की कुर्सी के ऊपर लगाया जाने वाला पत्थर.

दिअट [diaT]

सं.पु.
दीवार में लकड़ी व पत्थर का लगा हुआ टुकड़ा.

दिआबाची [diAbAcI]

सं.स्त्री.
संध्या के समय पर दीपक-बत्ती संभालने या प्रकाश की व्यवस्था करते समय मंदिर में दीपक जाने का कार्य.

दिउलिया [diuliyA]

सं.स्त्री.
मिट्टी का छोटा दीपक.

दिकचिक [dikacik]

सं.स्त्री.
अड़ंगेबाजी.

दिखइया [dikhaiyA]

सं.पु.
देखने वाला, देखरेख करने वाला, संभाल करने वाला.

दिखउअल [dikhaual]

वि.
प्रकट रूप से, दिखलाने के लिए, बनावटी.

दिखउआ [dikhauA]

सं.पु.
विवाह के उद्देश्य से लड़के-लड़की को देखने वाला.

दिखनी [dikhanI]

सं.स्त्री.
लड़के के विवाह में लग्न-पत्रिका लाने वालों के साथ उपहार स्वरूप भेजी जाने वाली मिठाई तथा पकवान आदि.

दिखनोंसू [dikhanonsU]

वि.
शोभार्थ प्रदर्शन, देखने वाला, रखवाला.

दिखाब [dikhAb]

सं.पु.
प्रदर्शन.

दिखाबौ [dikhAbau]

क्रि.स.
दिखाना, संकेत करना, परीक्षण करना.

दिखावट [dikhAvaT]

सं.स्त्री.
बाहरी रूप-रंग.

दिखावटी [dikhAvaTI]

वि.
केवल प्रदर्शन के लिए, नकली, बनावटी.

दिगंत [digant]

वि.
दसों दिशाओं में.