बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: प

अक्षर 'प' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

पड़वाबौ [paRavAbau]

क्रि.अ.
बांचवाना, पढ़वाना.

पड़ाछिकउअल [paRAchikaual]

सं.पु.
एक खेल जिसमें एक-दूसरे खिलाड़ी की गोटे मारने और चाल बंद करने का प्रयास किया जाता है.

पड़िया [paRiyA]

सं.स्त्री.
भैंस की बच्ची.

पड़ूलौ [paRUlau]

वि.
मिट्टी का मिलावट के कारण थोड़ा मैला रंग.

पड़ोरा [paRorA]

सं.पु.
ककोरा, एक जंगली फल जिसकी सब्जी बनाई जाती है.

पण्डत [paNDat]

सं.पु.
पण्डित, ब्राह्मण, आचार्य.

पण्डवा [paNDavA]

सं.पु.
पाण्डव.

पण्डा [paNDA]

सं.पु.
तीर्थों में धार्मिक कृत्य कराने वाला, मंदिर का पुजारी.

पत [pat]

सं.स्त्री.
लाज.

पतउआ [patauA]

सं.पु.
पत्ता.

पतपाती [patapAtI]

वि.
द्रवित होने के अर्थ में.

पतबौ [patabau]

क्रि.अ.
पतझड़ के बाद वृक्ष से नई कोपलों का फूटना.

पतमूल [patamUl]

सं.स्त्री.
पतलून, फुल पैण्ट.

पतयाबौ [patayAbau]

क्रि.अ.
विश्वास करना.

पतरौल [pataraul]

सं.पु.
सिंचाई विभाग का कर्मचारी जो पानी की देखभाल करता है.

पता [patA]

सं.पु.
पता, जानकारी.

पताका [patAkA]

सं.पु.
मंदिर के ऊपर पहनाया जाने वाला झण्डा या राजा के रथ पर लगाया जाने वाला विशेष रंग के चिह्न का झण्डा.