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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: म

अक्षर 'म' से शुरू होने वाले शब्द

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मिड़ँइया [miRaMiyA]

वि.
क्रि. पीठ पर बालक आदि को लादना.

मिड़ाई [miRAI]

सं.स्त्री.
शक्ति के साथ मालिश करने की दिशा.

मिड़ूला [miRUlA]

सं.पु.
एक परजीवी कीड़ा जो पशु या कुत्ते के शरीर से चिपककर उसका खून पीता है.

मिढ़ासन [miRhAsan]

सं.स्त्री.
नदी.

मित [mit]

सं.स्त्री.
अवधि, समय.

मियाँद [miyAMd]

सं.स्त्री.
अवधि, निर्धारित समय.

मियाँदी [miyAMdI]

वि.
समय सीमाबद्ध.

मियाँनी [miyAMnI]

सं.स्त्री.
पायजामा के बीच लगाई जाने वाली पट्टी.

मिंयाँबिलार [minyAMbilAr]

सं.पु.
कार्तिक स्नान के बाद पूजा करने के लिए जलाशय के किनारे बनाई जाने वाली चोंतरियों के पास ही लेंटी हुई राक्षस नरकासुर की मूर्ति.

मियाँसबौ [miyAMsabau]

क्रि.अ.
आभास होना.

मिरगछाला [miragachAlA]

सं.स्त्री.
मृग, शेर या तेंदुए की खाल से बना चमड़े का आसन.

मिरगी [miragI]

सं.स्त्री.
एक प्रकार की बीमारी जिसमें मनुष्य बेहोश होकर हाथ-पैर हिलाने लगता है.

मिरच [mirac]

सं.स्त्री.
मिर्च.

मिरचुन [miracun]

सं.स्त्री.
व्यंजन.

मिरच्वानी [miracvAnI]

वि.
काली मिर्च और शक्कर का शर्बत.

मिरजाँइँ [mirajAMiM]

सं.स्त्री.
नितंबों तक की लंबाई वाला अँगरखा.

मिरजाई [mirajAI]

सं.स्त्री.
रजाई.

मिरजाद [mirajAd]

सं.स्त्री.
मर्यादा.

मिरदंग [miradang]

सं.पु.
एक वाद्ययंत्र, मृदंग.