बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: म

अक्षर 'म' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

मेंहक [menhak]

सं.स्त्री.
महक, गंध.

मेहतर बाबा [mehatar bAbA]

सं.पु.
लोक देवता.

मेंहमा [menhamA]

सं.स्त्री.
महिमा.

मेंहमान [menhamAn]

सं.पु.
अतिथि, अंतर्शक्ति.

मेहर उलीचना [mehar ulIcanA]

सं.स्त्री.
एक प्रकार की रस्म जिसमें वर-वधू अपनी कोहनियों से बताशे भर लेता है.

मैंच [mainc]

सं.पु.
मिलान.

मैदना [maidanA]

सं.पु.
प्रशस्त स्थान.

मैया [maiyA]

सं.स्त्री.
मईया.

मैहर का पानी [maihar kA pAnI]

सं.पु.
मेहर के पानी से कुल देवता के लिए प्रसाद बनाया जाता है.

मों [mon]

सं.पु.
मुँह, मुख, चेहरा.

मोइया [moiyA]

सं.पु.
कीचड़ में पैदा होने वाली बड़ी और चपटी घास से बनी खुइया.

मोंखाद [monkhAd]

वि.
क्रि. मुँहजबानी.

मोंगबौ [mongabau]

क्रि.अ.
चुप होना, रोना बंद करना.

मोंगा [mongA]

वि.
रोना, चुप कराना.

मोगिया [mogiyA]

सं.पु.
एक घुमंतू जाति जो प्रायः छोटे-छोटे शिकार करके अपना जीवन यापन करती है.

मोंगे-मोंगे [monge-monge]

वि.
क्रि. चुपचाप.

मोंचबौ [moncabau]

क्रि.अ.
माँस-पेशी का मरूड़ जाना.