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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: म

अक्षर 'म' से शुरू होने वाले शब्द

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मोयलौ [moyalau]

वि.
सुंदर, मोहित करने वाला.

मोंर [monr]

सं.पु.
विवाह के समय वर के द्वारा धारण किया जाने वाला खजूर के पत्तों का मुकुट.

मोर पपिहा [mor papihA]

सं.पु.
मोर पपीहे के चित्रांकन.

मोरछल [morachal]

सं.पु.
जैन मुनियों द्वारा हाथ में पकड़े रहने वाला मयूर पंख.

मोरबौ [morabau]

क्रि.स.
दही को मथने पर थोड़ा पानी डालने से पतला हो जाता है जिससे पूरा घी न निकल सके.

मोंरबौ [monrabau]

क्रि.अ.
आम की तरह के छोटे पुष्प पुंजों में फूलने वाली वृक्ष की फूलना.

मोरसगा [morasagA]

सं.पु.
दीवार या लकड़ी पर मयूर पंख के समान उगने वाली घास जिसका प्रयोग बच्चों की दवा बनाने में किया जाता है.

मोरा [morA]

सं.पु.
कम मथा हुआ दही.

मोंरा [monrA]

सं.पु.
मोहरा, शतरंज का मोहरा.

मोंरी [monrI]

सं.स्त्री.
बैलों की थूथन के ऊपर सींगों के पीछे तक बाँधी जाने वाली रस्सी की एक संरचना.

मोंरूसी [monrUsI]

वि.
परंपरा से प्राप्त अधिकार.

मोल [mol]

सं.पु.
दाम, कीमत, मूल्य.

मोंलत [monlat]

सं.स्त्री.
मुहलत, अतिरिक्त.

मोंसर [monsar]

सं.पु.
अवसर की आवश्यकता की पूर्ति करने की सामर्थ्य.

मोंसिया [monsiyA]

सं.पु.
माँ की बहन का पति.

मोहन भोग Variant: वै.रू. खीरमोहन. [mohan bhog]

सं.पु.
भगवान के भोग के लिए बनायी गयी एक विशेष प्रकार की मिठाई.

मोहनमाला [mohanamAlA]

सं.स्त्री.
गहना.

मौ धोबै [mau dhobai]

वि.
क्रि. मुँह फुलाए.