बुंदेलखंड की सांस्कृतिक धरोहर का डिजिटल संग्रह
बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: म

अक्षर 'म' से शुरू होने वाले शब्द

arrow_back वापस जाएं

मरवाबौ [maravAbau]

क्रि.स.
पिटवाना, हानि पहुँचाना.

मरसान [marasAn]

सं.पु.
हथियारों की धार तेज करने वाला यंत्र.

मरसिया [marasiyA]

सं.पु.
शोक गीत.

मरिया [mariyA]

सं.पु.
गाय-बैल के शरीर में होने वाली एक बीमारी जिसमें शरीर से फोड़ा बनकर खून गिरने लगता है.

मरूआँ [marUAM]

सं.पु.
तुलसी की जाति का एक पौधा.

मरूर [marUr]

सं.स्त्री.
मरोड़, पेट में ऐंठन के साथ होने वाला दर्द.

मरेखू [marekhU]

सं.पु.
ऐसा कोदा जिसके अंदर चावल का दाना न हो.

मरेल [marel]

वि.
दुबला-पतला.

मरैठी [maraiThI]

सं.स्त्री.
बुंदेली की उपबोली.

मरोंय [marony]

वि.
मरणासन्न.

मरोरबौ [marorabau]

क्रि.स.
मरोड़ना, किसी वस्तु को मोड़ना.

मरोरा [marorA]

सं.पु.
लचक पीड़ा.

मर्दन [mardan]

सं.पु.
शरीर की मालिश करना.

मर्राबौ [marrAbau]

क्रि.अ.
गाय-भैंस के थन से दूध नहीं निकलना.

मल [mal]

सं.पु.
आँत में स्थित मल जिसके कारण शरीर में आवश्यक ताप बना रहता है.

मलइया [malaiyA]

सं.स्त्री.
ऊँट की सवारी करते समय सवार की आगे-पीछे होने की क्रिया.

मलंगा [malangA]

वि.
ऊँचा-पूरा तथा मोटा-ताजा.

मलच्छी [malacchI]

वि.
गंदी आदत वाला.

मलम [malam]

सं.स्त्री.
मरहम.

मलमल [malamal]

सं.स्त्री.
बहुत पतला वस्त्र.