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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: म

अक्षर 'म' से शुरू होने वाले शब्द

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मसिया [masiyA]

सं.पु.
ईसाई मिशनरी.

मसीली जाँगै [masIlI jAMgai]

वि.
मसल्स युक्त गठी हुई जंघाएँ.

मसूड़ौ [masURau]

सं.पु.
मसूड़ा.

मसूसा [masUsA]

सं.पु.
व्यंजन.

मसें [masen]

सं.पु.
नाक और ऊपरी ओंठ के बीच का स्थान जहाँ मूँछें उगती हैं.

मंसोंय [mansony]

वि.
क्रि. मनुष्यों की तरह.

मसौ [masau]

सं.पु.
शरीर पर अप्राकृतिक रूप से पैदा होने वाली खुरदुरी पीड़ा, महीन फुड़िया जो मिटती नहीं है.

मस्ता [mastA]

वि.
शरीर से मोटा किंतु आदत से कामचोर.

मस्तानों [mastAnon]

वि.
किसी नियम-मर्यादा की बिना चिंता किए हुए अलमस्त घूमना.

मस्ताबौ [mastAbau]

क्रि.अ.
उच्छृंखलता करना.

महतो [mahato]

सं.पु.
किसी जाति का प्रमुख.

महराज [maharAj]

सं.पु.
राजा, ब्राह्मण.

महाँ [mahAM]

वि.
क्रि. ऊँचे दर्जे का .

महाउती [mahAutI]

सं.पु.
हाथी को हाँकने वाला, हाथी को वश में करने वाला.

महाजनी [mahAjanI]

सं.स्त्री.
साहूकारिनी, गम्भीर.

महातम [mahAtam]

सं.पु.
परमार्थक महत्व.

महादे [mahAde]

सं.पु.
महादेव, भगवान शंकर.

मही [mahI]

सं.स्त्री.
धरती.

महीन [mahIn]

वि.
बारीक, सूक्ष्म.