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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: ल

अक्षर 'ल' से शुरू होने वाले शब्द

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लाँड़ [lAMR]

सं.पु.
पुरुष का गुप्तांग, शिश्न, लिंग.

लाड़ली [lARalI]

सं.स्त्री.
प्रिय का संबोधन.

लाँड़ुआ [lAMRuA]

वि.
वह पुरुष जिसमें स्त्री को गर्भिणी कर देने की शारीरिक क्षमता तो आ गई हो किंतु बौद्धिक गंभीरता और स्थिरता का अभाव हो.

लात [lAt]

सं.स्त्री.
पैर से ठोकर मारने की क्रिया.

लातुर [lAtur]

सं.स्त्री.
छोटे उ की मात्रा जो वर्ण के नीचे दाईं से बाईं ओर लगाई जाती है.

लाद [lAd]

सं.स्त्री.
छत की डाट.

लाम झुलाम [lAm jhulAm]

वि.
शरीर के नाप से बहुत बड़े, ढीले-ढाले.

लायकी [lAyakI]

सं.स्त्री.
शिष्टता, योग्यता, नम्रता.

लायची [lAyacI]

सं.स्त्री.
इलायची.

लारौ [lArau]

सं.पु.
घण्टा के बीच में लटकने वाला दोलक जो घण्टे की दीवारों से टकराकर ध्वनि उत्पन्न करना.

लालए [lAlaai]

वि.
कोमल तथा लाल रंग की कोपलें.

लाला [lAlA]

सं.पु.
देवर के लिए संबोधन.

लाली [lAlI]

सं.स्त्री.
लालिमा, रक्तिमा आभा.

लालौ [lAlau]

सं.पु.
शौक, प्रेमपूर्ण, आकर्षणय इच्छा.

लाव [lAv]

सं.पु.
गोला, बारूद आदि विस्फोट सामग्री.

लावनी [lAvanI]

सं.स्त्री.
बुंदेली गीत.

लावर [lAvar]

वि.
झूठ बोलने वाला.