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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: अ

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अनूतरें [anUkaren]

सं.स्त्री.
ऐसे आरोप, जिनका कोई आधार नहीं, अपशब्द.

अनोखा [anokhA]

सं.पु.
घुँघर लगे हुए लच्छे, पैरों का आभूषण.

अनोंखा [anonkhA]

वि.
स्त्रियों का पैर में पहनने का एक आभूषण, कलात्मक गोल पट्टी जिसमें बोरे भी लगे रहते हैं.

अनोटा [anoTA]

सं.पु.
स्त्रियों का पैर के अँगूठे और छिंगुली में पहनने का एक संयुक्त आभूषण, इसमें अँगूठे और छिगुली के कलात्मक छल्ले एक साँकलों की पट्टी से जुड़े रहते हैं.

अन्ट [anT]

सं.पु.
गोली या कंची के खेल में कंची से कंची पर चोटी मारने के लिए अँगूठे को भूमि पर टेक बनाई गई हाथ की विशेष मुद्रा.

अन्टा [anTA]

सं.पु.
ओंधे और सीधे के बीच की स्थिति.

अन्त [ant]

वि.
क्रि. अन्यत्र.

अन्तसा [antasA]

वि.
जिनसे सौहार्दपूर्ण और आत्मीय संबंध हो.

अन्दा [andA]

सं.पु.
चक्के की धुरी के.

अन्नप्रासन-पासनी [annaprAsan-pAsanI]

सं.स्त्री.
शिशु को पहली बार अन्न खिलाने की क्रिया.

अबलौ [abalau]

वि.
क्रि. अब तक.

अबार [abAr]

सं.स्त्री.
देरी, विलंब.

अबै [abai]

वि.
क्रि. अभी.

अभमान [abhamAn]

वि.
अभिमान, घमण्ड.

अमचुइयाँ [amacuiyAM]

सं.स्त्री.
छोटी अमिया, कच्ची अमिया.

अमरौती [amarautI]

सं.पु.
अमर फल.