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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: ज

अक्षर 'ज' से शुरू होने वाले शब्द

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जरिथा [jarithA]

सं.पु.
बेर की झाड़ी.

जरिया [jariyA]

सं.स्त्री.
बेर की झाड़ी.

जरीब [jarIb]

सं.स्त्री.
भूमि की माप करने की साँकल.

जरीबानों [jarIbAnon]

सं.पु.
जुर्माना, अर्थदण्ड.

जरूआ [jarUA]

वि.
जलने वाला, ईर्ष्यालू.

जल [jal]

सं.पु.
पानी, देव मूर्तियों को स्नान कराया हुआ पानी, किसी पवित्रता अथवा आदर भाव के साथ होने वाला प्रयोग.

जल फेरबौ [jal pherabau]

क्रि.स.
पूजा के समय भगवान को भोग लगाने से पहले पानी डालने की क्रिया.

जलघरा [jalagharA]

सं.पु.
पीने का पानी रखने का स्थान.

जलझूलनी ग्यास [jalajhUlanI gyAs]

सं.स्त्री.
डोल ग्यारस, भादों की शुक्ल पक्ष की एकादशी.

जलापन [jalApan]

सं.पु.
ईर्ष्या, द्वेष.

जलूस [jalUs]

सं.पु.
शोभा-यात्रा, चल समारोह.

जलेब [jaleb]

सं.पु.
मालपुआ बनाने के लिए खमीर तथा गुड़ मिलाकर बनाया आटे का गाढ़ा घोल.

जलोदर [jalodar]

सं.पु.
पेट में पानी भरने का रोग.

जवाई [javAI]

सं.पु.
दामाद.

जवार [javAr]

सं.पु.
त्यौहार.

जवारे [javAre]

सं.पु.
लोकनृत्य.

जस [jas]

सं.पु.
यश, आभार, अहसान.

जसब [jasab]

सं.पु.
एक दवा, बादाम के साथ मिलाकर खाने से नेत्रों की ज्योति ठीक हो जाती है.

जसरथ [jasarath]

सं.पु.
दशरथ.