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बुंदेलखंड विश्वकोश

अक्षर: ज

अक्षर 'ज' से शुरू होने वाले शब्द

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जातौ [jAtau]

क्रि.अ.
किसी कार्य को करने के लिए जाना.

जाँतौ [jAMtau]

सं.पु.
आटा पीसने की विशेष आकृति की चक्की.

जात्रा [jAtrA]

सं.स्त्री.
धार्मिक यात्रा, देवताओं की शोभा यात्रा.

जाधा [jAdhA]

वि.
ज्यादा के अर्थ में.

जान भरेसो [jAn bhareso]

वि.
क्रि. जानते हुए भरसक.

जानमान [jAnamAn]

वि.
क्रि. समझबूझकर, प्रकट रूप से.

जानहार [jAnahAr]

वि.
जाने वाली.

जानों [jAnon]

वि.
क्रि. जानकारी में.

जाप [jAp]

सं.पु.
किसी मंत्र को याद करने का कार्य.

जापट [jApaT]

वि.
नष्ट, निष्क्रिय, जख्मी.

जापिंग [jAping]

सं.स्त्री.
हल्के किस्म की रुई का एक प्रकार जिसको केवल गद्दे आदि भरने के काम में लिया जाता है.

जाफरी गेंदी [jApharI gendI]

सं.स्त्री.
पाँच पंखुड़ियों का गेंदा.

जामनी [jAmanI]

वि.
पके हुए जामुन जैसा, जामुन के समान रंग जैसा.

जामफल [jAmphal]

सं.स्त्री.
काँटेदार व झाड़ीदार वृक्ष.

जामू [jAmU]

सं.पु.
जामुन का फल.

जायपत्री [jAyapatrI]

सं.स्त्री.
जावित्री, जायफल का फूल जो पान-मसाला तथा औषधि के काम आता है.

जार [jAr]

सं.पु.
काँटेदार झाड़ियाँ जो खेतों की बाड़ लगाने के लिए काटी गई हों.

जारी [jArI]

सं.स्त्री.
जाली, आम की गुठली का प्रारंभिक रूप, तरोई-गिलकी में छिलके के नीचे नसों का सख्त जाल.